हर्ष विद्या मन्दिर (पी0जी0) काॅलेज, रायसी, (हरिद्वार) उन शिक्षण संस्थानों में से एक है जिसे जनपद-हरिद्वार के रायसी क्षेत्र के समाजसेवी, लोक हितैशी एवं शिक्षा प्रेमी डाॅ0 के0पी0 सिंह एवं उनकी पत्नी डाॅ0 प्रभावती के सक्रिय प्रयासों से सन 2005 में हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर, गढ़वाल द्वारा महाविद्यालय के रूप में मान्यता प्रदान की गयी। इससे पूर्व रायसी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए डिग्री काॅलेज का पूर्णतः अभाव था, जिसके कारण इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को शिक्षार्थ हेतु दूर-दूर तक जाना पड़ता था। विशेषतौर पर छात्राओं के प्रवेश की स्थिति और भी दयनीय थी। असुरक्षित परिवेश के कारण छात्र-छात्रायें एवं उनके अभिभावक परेशान रहते थे। इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा सुगमता पूर्वक प्राप्त हो सके, इसी पावन उद्देश्य को ध्यान में रखकर डाॅ0 के0पी0 सिंह ने हर्ष विद्या मन्दिर (पी0जी0) काॅलेज के निर्माण का संकल्प लिया। जगत नियन्ता की कृपा और माँ सरस्वती के आशीर्वाद से यह स्वप्न साकार हुआ। जन सहयोग, विश्वविद्यालय एवं शासन की अनुकम्पा से 2005 में विज्ञान संकाय (PCM, CBZ) तथा 2007 में नौ विषयों के साथ नियमित कक्षाएं प्रारम्भ हुईं। वर्ष 2012-13 में एम.एस.सी. (जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित) तथा एम.ए. (शिक्षाशास्त्र) की मान्यता प्राप्त हुई। वर्ष 2012-13 में ही महाविद्यालय को एम.एस.सी. (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान) तथा एम.ए. (हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, चित्रकला, भूगोल) की मान्यता प्राप्त हुई। वर्ष 2019-20 में बी.एस.सी. (गृह विज्ञान), एम.एस.सी. (गृह विज्ञान), बी.कॉम, एम.कॉम तथा एम.ए. (अर्थशास्त्र) की भी सम्बद्धता प्राप्त हुई। महाविद्यालय हरिद्वार रेलवे स्टेशन रायसी से दक्षिण दिशा में 1 किमी तथा लक्सर रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैण्ड से लक्सर-बालावली मार्ग पर लगभग 8 किमी की दूरी पर स्थित है। महाविद्यालय का अपना सुदृढ़ एवं आकर्षक भवन है, जो विश्वविद्यालय के मानकों के अनुरूप निर्मित है। यहाँ भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगोल, शिक्षाशास्त्र तथा चित्रकला की समृद्ध एवं आधुनिक प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं। महाविद्यालय का पुस्तकालय सभी विषयों की पाठ्यक्रमानुसार पुस्तकों के साथ-साथ ज्ञानवर्धक पुस्तकों से भी सुसज्जित है, जो छात्रों के बौद्धिक विकास में सहायक हैं। महाविद्यालय का अनुशासन उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय है। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम जहाँ शिक्षकों की निष्ठा का प्रतीक है, वहीं छात्रों के सर्वांगीण विकास, सुचरित्रता एवं पारस्परिक सौजन्यता के विकास हेतु महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है।
Harsh Vidya Mandir cordially invites students, alumni, and families to the annual Diwali Mela 2025 — a spectacular evening of lights, culture, and joy. Celebrate the festival of prosperity with traditional performances, food stalls, rangoli competition, and dazzling fireworks.